आज मैं भी कुछ कदम भरूँ, और आज जिऊँ तो खुल के जिऊँ ! आज मैं भी कुछ कदम भरूँ, और आज जिऊँ तो खुल के जिऊँ !
आज सदा के लिए अपनों में फिर से वापिस लौट आया था। आज सदा के लिए अपनों में फिर से वापिस लौट आया था।
नन्ही चिड़ियां दाना लेकर खिलाने वास्ते ढूंढ रही है इस डाल तो कभी उस डाल फुदक-फुदक नन्ही चिड़ियां दाना लेकर खिलाने वास्ते ढूंढ रही है इस डाल तो कभी उस डाल ...
ठहरी रही नजर तेरे दीदार को पर सजा मुकर्रर तुमने कर ही दिया, ठहरी रही नजर तेरे दीदार को पर सजा मुकर्रर तुमने कर ही दिया,
तेरी तड़प ने हर जगह मुझे बदनाम कर दिया तो मैंने भी तेरी बेवफाई को खुले आम कर दिया। तेरी तड़प ने हर जगह मुझे बदनाम कर दिया तो मैंने भी तेरी बेवफाई को खुले ...
रोज़ अनचाहा घबराहट के साथ, उसके द्वारा अपनी हथेली पर जमा राख़ को धो लिया जाता था, मेर रोज़ अनचाहा घबराहट के साथ, उसके द्वारा अपनी हथेली पर जमा राख़ को धो लिया जा...